कानपुर से आई एक मासूम की यह ची₹@ सुनकर हर किसी का दिल कांप उठा। जिस उम्र में बच्चों को मां-बाप के प्यार और सुरक्षित बचपन की जरूरत होती है, उसी उम्र में ये चार अनाथ भाई-बहन अपनों की बेरहमी सहने को मजबूर थे।
महाराजपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले 14 वर्षीय किशोर ने गुरुवार शाम कांपती आवाज में डायल 112 पर फोन किया। वह रोते हुए पुलिस से कह रहा था — “जल्दी आ जाइए… चाची मेरी बहन को हीटर से ज&/ रही हैं। ये हमें मार डालेंगी…”
फोन कटते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। वहां जो दृश्य था, उसने हर किसी को झकझोर दिया। घर के एक कोने में डरे-सहमे चार मासूम बच्चे बैठे थे। 11 साल और 4 साल के दो छोटे भाई, 9 साल की बहन और सबसे बड़ा 14 साल का भाई। बच्चों के शरीर पर चोटों के निशान थे — किसी की पीठ पर सूजन, किसी के हाथ जले हुए, तो किसी के सिर और जांघों पर चोट के गहरे निशान।
बच्चों ने रोते हुए बताया कि खाना मांगने पर उन्हें बुरी तरह पीटा जाता था। छोटी बहन को गर्म ही८र से जलाया गया। पड़ोसियों ने भी पुलिस को बताया कि बच्चे लंबे समय से प्रताड़ना झेल रहे थे, लेकिन डर के कारण कभी खुलकर शिकायत नहीं कर पाए।
इन बच्चों ने पहले ही अपने माता-पिता को खो दिया था। मां-बाप की मौत के बाद जिन्हें उनका सहारा बनना था, वही उनके दर्द की वजह बन गए। यह घटना सिर्फ एक परिवार की कहानी नहीं, बल्कि इंसानियत को शर्मसार करने वाली तस्वीर है।
मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने बच्चों को सुरक्षा और हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया है। लेकिन इन मासूम आंखों में जो डर और दर्द बस चुका है, उसे मिटाने में शायद बहुत वक्त लगेगा।
#पत्रकार आमिर महफूज खान
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