दिल्ली में Ola, Uber और Rapido ड्राइवरों की हालत खराब — मेहनत ज़्यादा, कमाई कम
रिपोर्ट: आमिर मेहफूज़ खान, KGN Express News
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में ऐप-आधारित कैब सेवाओं से जुड़े ड्राइवर इन दिनों भारी आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। Ola, Uber और Rapido के ड्राइवरों का कहना है कि उन्हें उनकी मेहनत के मुताबिक सही पैसा नहीं मिल रहा।
🚖 कम किराया और ज़्यादा कमीशन से परेशानी
ड्राइवरों का आरोप है कि कंपनियां यात्रियों से अच्छा किराया वसूलती हैं, लेकिन ड्राइवरों को बहुत कम हिस्सा मिलता है। 20% से 30% तक कमीशन काट लिया जाता है, जिससे उनकी कमाई पर सीधा असर पड़ता है।
⛽ महंगाई का बोझ, आमदनी में गिरावट
पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें, गाड़ी की EMI, मेंटेनेंस और इंश्योरेंस का खर्च लगातार बढ़ रहा है। वहीं दूसरी तरफ किराया कम कर दिया गया है, जिससे ड्राइवरों की आर्थिक हालत और बिगड़ रही है।
⏰ लंबे घंटे काम, फिर भी कम बचत
कई ड्राइवर रोज़ 12 से 16 घंटे तक काम करते हैं, लेकिन इसके बावजूद महीने के अंत में ₹15,000 से ₹25,000 तक ही बच पाता है। ऐसे में परिवार चलाना मुश्किल हो गया है।
📉 इंसेंटिव और बोनस में कटौती
पहले कंपनियां ड्राइवरों को अच्छे इंसेंटिव देती थीं, लेकिन अब उन्हें कम कर दिया गया है या शर्तें इतनी कठिन कर दी गई हैं कि उन्हें पाना मुश्किल हो गया है।
⚖️ सरकार से गुहार
ड्राइवरों ने सरकार से मांग की है कि:
कंपनियों के कमीशन पर लिमिट लगाई जाए
न्यूनतम किराया तय किया जाए
ड्राइवरों के लिए बीमा और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाए
🗣️ ड्राइवरों की आवाज
एक ड्राइवर ने कहा:
“हम दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन कंपनी ज्यादा कमाती है और हमें बहुत कम मिलता है। हमें हमारा हक चाहिए।”
निष्कर्ष
दिल्ली में कैब सेवाओं ने लोगों की जिंदगी आसान जरूर बनाई है, लेकिन इन सेवाओं को चलाने वाले ड्राइवर आज अपने हक के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अगर जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो हालात और खराब हो सकते हैं।
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