पुलिस का बयान – तौसीफ दरवाजे पर बैठे थे नींद लग गई, मौके पर मारपीट का कोई सबूत नहीं…
किशनगंज ज़िले केरहने वाले मदरसा टीचर मौलाना तौसीफ रजा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत हुई. इस मामले में पुलिस के आधिकारिक बयान और इमाम के परिजनों के दावों में बड़ा विरोधाभास सामने आया है।
कैंट थाना पुलिस (बरेली) के अनुसार, तौसीफ रजा का शव 27 अप्रैल, 2026 को पालपुर कमालपुर इलाके में रेलवे ट्रैक के पास मिला था. पुलिस का कहना है शुरूआती जांच के मुताबिक़ ट्रेन में भीषण गर्मी के कारण तौसीफ खिड़की के पास बैठे थे. नींद आने या संतुलन बिगड़ने के कारण वह चलती ट्रेन से गिर गए।
पुलिस ने दावा किया कि घटनास्थल पर किसी भी तरह के झगड़े, मारपीट या धक्का देने के सबूत नहीं मिले हैं. जबकि तौसीफ रजा के परिवार ने इसे सुनियोजित हत्या करार दिया है।
तौसीफ की पत्नी, तबस्सुम खातून ने दावा किया कि 26 अप्रैल की रात जब उनकी बात हुई, तो तौसीफ बहुत डरे हुए थे. उन्होंने फोन पर कहा था कि ट्रेन में कुछ यात्री उनके साथ मारपीट कर रहे हैं।
रिपोर्ट पत्रकार आमिर महफूज खान के साथ
केजीएन एक्सप्रेस न्यूज़
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