बिहार,मुजफ्फरपुर के “विवेक सिंह राजपूत” भैय्या सोशल मीडिया पर भौकाल बनाने निकले थे। गाड़ी में बैठकर बंदूक लहराई और भारी ज्ञान दिया
“समय आ गईल बा सोना बेच के लोहा खरीदे के!”
सोना तो नहीं बिका, लेकिन पुलिस ने ऐसा ‘लोहा’ (लोहे की हथकड़ी) थमा दिया कि सारा भौकाल धुआं हो गया थाने पहुंचते ही भैया के सुर बदल गए कहने लगे— “हुजूर, हम तो बस कॉमेडी कर रहे थे।” पर पुलिस ने कहा— “रील तुम्हारी अच्छी थी, अब रीयल में जेल की हवा खाओ।
ऊपर से “बंदूक” और “कार” भी विवेक के मालिक की निकली जहाँ वो नौकरी करता था
अब इसके मालिक की भी अलग से क्लास लग रही है
लाइक और फॉलोअर्स के चक्कर में ऐसी रील न बनाएं कि ‘सोना-लोहा’ के चक्कर में जेल का ‘चावल-दाल’ खाना पड़े..ज्ञान समाप्त धन्यवाद 🙏
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